आगरा के आरटीओ में दलाल तंत्र हावी…..

सरकार और आरटीओ प्रशासन आरटीओ कार्यालय में किसी भी प्रकार की दलाली और दलालों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लाख दावे करें लेकिन इसके बावजूद संभागीय परिवहन कार्यालय यानी आरटीओ में बिना दलालों के कोई काम नहीं होता है मून टीवी के स्टिंग ऑपरेशन के दौरान ताजनगरी के आरटीओ कार्यालय में दलालों के सक्रिय होने की तस्वीर साफ नजर आई है आरटीओ में जिस काम को लेकर आपको कई चक्कर लगाने के साथ कई घंटे का समय बर्बाद करना पड़ता है उसे दलाल मोटी रकम लेकर आराम से करा देते हैं फिर चाहे आपका ड्राइविंग लाइसेंस हो गाड़ी का टैक्स जमा करना ना हो गाड़ी की फिटनेस हो या फिर कोई भी आरटीओ से संबंधित दूसरा काम यह दलाल मोटी रकम लेकर सभी काम कराने का ठेका ले लेते हैं भारत समाचार ने आगरा के आरटीओ कार्यालय के बाहर एक दलाल से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और उसके कितने पैसे लगेंगे उसके बारे में जानकारी की तो कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की लर्निंग लाइसेंस की सरकारी कीमत ₹300 है और परमानेंट लाइसेंस की कीमत 1000 रुपए है उसके एवज में आप खुद सुनिए यह दलाल बिना किसी डर के किस तरह से खुलकर मोटी रकम मांग रहा है

दलाल वीडियो में खुल कर बोल रहा है कि आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कोई भी टेस्ट नहीं देना पड़ेगा केवल फोटो खींचानी होगी इसके एवज में लर्निंग लाइसेंस की सरकारी फीस ₹300 के एवज में पंदह सो रुपए और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस की सरकारी फीस के 1000 हजार रुपए के एवज में 2200 रुपए देने होंगे जबकि लर्निंग और परमानेंट दोनों लाइसेंस के ₹3700 की यह दलाल मांग कर रहा है आप एक बार खुद सुनिए कि यह दलाल किस तरह से बिना टेस्ट के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की इस मोटी कीमत को आरटीओ विभाग में ऊपर तक अधिकारियों के बटने की बात भी बिना किसी डर के बोल रहा है

बहरहाल दलाल जिस तरह से खुलकर लाइसेंस बनाने के एवज में मोटी रकम मांग रहा है उसे लेकर समझा जा सकता है कि ताजनगरी के आरटीओ विभाग में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी नहीं दलाल तंत्र पूरी तरह से काम कर रहा है बता दें आरटीओ विभाग के बाहर और अंदर दलालों के सक्रिय होने की सूचना पर कई बार प्रशासन के आला अधिकारियों ने भी यहां छापामार कार्रवाई की कुछ एक को गिरफ्तार भी किया गया लेकिन इसके बावजूद आरटीओ विभाग के बाहर और अंदर दलाल पूरी तरह से सक्रिय हैं समझा जा सकता है कि आरटीओ विभाग के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है कि यहां दलाल काम कर सके अब देखना होगा मून टीवी की इस खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद आरटीओ विभाग के आला अधिकारी और प्रशासन से जुड़े अधिकारी आरटीओ के अंदर और बाहर सक्रिय इन दलालों पर क्या कार्रवाई करते हैं

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