“होली के रंग, कवियों के संग” कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन….

रंगो के रंगीले पर्व होली की श्रृंखला मे ही साहित्य के रंग मे लोगों को भिगोने के लिए राजाखेड़ा के प्रसिद्ध युवा कवि गिर्राज शर्मा के सफल संयोजन मे जय जिनेद्र गार्डन मे कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कवि सम्मेलन की शुरुआत मुख्य अतिथि अंतराष्ट्रीय कवयित्री डॉ रुचि चतुर्वेदी, विशिष्ट अतिथि डाक निदेशालय दिल्ली के उपमहानिदेशक दुष्यन्त मुदगल तथा राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर के सहायक निदेशक नरेंद्र कुमार जैन, गौरी शंकर उपाध्याय सामाजिक कार्यकर्ता हरवीर राठौड़, ऋषभ कुमार जैन के द्वारा वाणी व बुद्धि की अधिष्ठात्री माँ वीणावादिनी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण करके की गई। भारतीय परपंरा के अनुसार डॉ रुचि चतुर्वेदी ने सरस्वती वंदना की इसके बाद सम्मान की पावन बेला प्रारंभ की गई। जिसमे अतिथियों व पधारे कवि, कवयित्रियों का साफा पहनाकर, माल्यार्पण तथा यादगार भेंट देकर सम्मान किया गया मंच संचालन कवि गिर्राज शर्मा ने संभाला देश के नामचीन कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों को मुग्ध कर दिया।

आगरा से आई देश की जानी मानी अंतराष्ट्रीय कवयित्री व बृज भाषा का अनूठा प्रयोग करने वाली डॉ रुचि चतुर्वेदी ने होली पर सुंदर गीत सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया । भगवान श्री कृष्ण की महिमा का बखान करते हुए उन्होंने पढ़ा “एक हाथ पर गिरिराज को धर लिया, दस की दस उंगलियों से बजी बाँसुरी ” लोगों ने उन्हे खूब मन से सुना ।

कवि गिर्राज शर्मा ने अपनी संतान के लिए पिता के समर्पण व उसकी महत्वता बताते हुए कहा ” थके हारे खेतों जब वो घर वापिस आते है, मेरी एक मुस्कान की खातिर घोड़ा बन जाते है” संचालन के दौरान उन्होंने लोगो को गुदगुदाया राजाखेड़ा के क्षेत्रीय कवि अतुल राजस्थानी ने लोगों को हँसा हँसाकर मस्त कर दिया और खूब तालिया बटोरी।

अपने ओजस्वी तेवरों से मंचो पर अपनी पहचान बनाने वाले कवि प्रेम करेला ने लोगों के दिलो को अंदर तक झकझोर दिया अपनी शानदार कविता सैनिक को पढ़ते हुए कहा ” जिसने भी सुना आया वो झपटकर, गाँव का बेटा आया था तिरंगे मे लिपटकर ” पूरा पांडाल भारतमाता की जयकारे से गूंज उठा।

एटा से आई गीत दीक्षित ने संवेदना के गीत सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। काव्य पाठ की अगली कड़ी मे एटा के डॉ प्रशांत देव ने अपने प्रेम गीतों से युवाओं के दिल पर जादू चलाया । आगरा की शुभांगी कली ने गीत गजलों से समां बाँधा तो हास्य व्यंग के कवि के के राजस्थानी ने राजनीतिक व्यंग्य कसे वैभव असद ने शायरियाँ सुनाई।

सोमेश दीक्षित, भरतदीप माथुर ने अपनी गजलों से सभी को मोहित कर दिया । राजाखेड़ा के अपूर्व माधव झा ने भी वीर रस की कविताएं सुनाई । देर रात तक गीत,गजल,मुक्तक, छंद, शायरी,का सिलसिला चलता रहा और दर्शक जमे रहे।

सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से प्रोग्राम को ऊंचाइयां मिली। कार्यक्रम को सफल बनाने में आगरा से हाईलाइट क्रिएशन इवेंट प्रोग्राम से कौशिक भोसले तथा स्थानीय सहयोगी बृजेश पुजारी ,दिलीप पाराशर, प्रदीप उपाध्याय , राधेश्याम तोमर, नीरज झा, गोपाल ओझा, राजकुमार सोनी ,अमित शर्मा ,अभिषेक जैन, बंटू ठाकुर, बलवीर सिंह, ललित शर्मा एवं अन्य सहयोगी सहित सभी ने कार्यक्रम में अपनी भागीदारी निभाई ।

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